Electricity kaise banti hai – Janiye sabhi Traiko ke bare me

Electricity kaise banti hai

दोस्तों आजकल इलेक्ट्रिसिटी यानी बिजली देश के सभी शहरों और गांव में पहुंच चुका है जिसकी मदद से बल्ब जलाना, पंखा चलाना, TV चलाना के अलावा और भी बहुत सारे कार्य करते हैं। हमें इलेक्ट्रिसिटी से बहुत फायदा होता है लेकिन ज्यादातर लोगों को आज भी मालूम नहीं है इलेक्ट्रिसिटी कैसे बनाया जाता है। अगर आप इलेक्ट्रिसिटी कैसे बनता है यह जानना चाहते हैं तो आप इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें क्योंकि हम इस आर्टिकल में इलेक्ट्रिसिटी बनाने के सभी तरीकों के बारे में वर्णन करेंगे।

आजकल इलेक्ट्रिसिटी का इस्तेमाल हर घरों और फैक्ट्रियों में किया जाता है इसकी मदद से इंसान के रोजमर्रा की जिंदगी को जीने में बहुत मदद मिलती है। अक्सर हम देखते हैं कि अगर किसी दिन 1 से 2 घंटे भी बिजली चली जाए तो हमें बहुत परेशानी होती है क्योंकि आजकल लोग इलेक्ट्रिसिटी के ऊपर बहुत ज्यादा निर्भर हो चुके हैं। जहां तक इलेक्ट्रिसिटी बनाने की बात है वह कई स्रोतों से बनाया जाता है और आपके घरों तक पहुंचाया जाता है। बिजली घर से डायरेक्ट इलेक्ट्रिसिटी आपके घर तक नहीं आती है इसके बीच में कई स्टेप्स होते हैं जिनके बारे में हम आगे बताने जा रहे हैं।

हमारे घरों तक इलेक्ट्रिसिटी कैसे पहुंचती है?

जब बिजली उत्पन्न की जाती है तो इस बिजली को डायरेक्ट घरों या किसी अन्य इस्तेमाल के लिए डायरेक्ट इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है क्योंकि जिस पावर प्लांट में यह इलेक्ट्रिसिटी पैदा की जाती है उसमें इलेक्ट्रिसिटी उत्पन्न होने के समय बहुत ज्यादा करंट होता है और हमारे घरों में इस्तेमाल की जाने वाली बिजली में सिर्फ 240 वोल्ट की आवश्यकता होती है। इसके लिए जगह जगह पर ट्रांसफार्मर का इस्तेमाल करके हाई वोल्टेज को घरों में इस्तेमाल किए जाने वाले हैं 240 वोल्ट में बदला जाता है जिसके बाद हम उस इलेक्ट्रिसिटी का इस्तेमाल करते हैं।

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इलेक्ट्रिसिटी उत्पन्न करने के सभी तरीके

इलेक्ट्रिसिटी कई माध्यम से उत्पन्न की जाती है। इस आर्टिकल में हम कुछ महत्वपूर्ण तरीकों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनसे आमतौर पर बिजली उत्पन्न की जाती है।

1 – कोयले के द्वारा

आजकल कोयले के द्वारा बहुत मात्रा में बिजली उत्पन्न की जाती है। कोयले के द्वारा बिजली उत्पन्न करने के लिए कई थर्मल प्लांट लगे होते हैं। कोयले से इलेक्ट्रिसिटी उत्पन्न करने के लिए सबसे पहले कोयले की खदानों से कोयला निकाला जाता है इसके बाद इस कोयला को पावर प्लांट तक पहुंचाया जाता है जहां इन्हें एकत्रित किया जाता है।

कोयल की व्यवस्था होने के बाद इस कोयला को एक क्रशर मशीन तक पहुंचाया जाता है जो कोयला को पीसकर बारिक कर देता है जिससे इस कोयला को जलने में आसानी होती है। इस बारीक हुए कोयला को बॉयलर में डाला जाता है और आग लगाया जाता है। जब यह कोयला जलता है तो इससे धुआं उत्पन्न होता है और ऊपर की ओर उठता है। ऊपर पानी के बहुत सारे पाइप लगे होते हैं जिन में पानी भरा होता है जब यह धूमा उस पाइप से टकराते हैं तो उन पाइप्स में भाप बन जाता है।

जमा हुए भाप को पाइप के द्वारा बड़े-बड़े टरबाइन तक भेजी जाती है। इन भाप में बहुत ज्यादा शक्ति होती है की मदद से प्रभाती बहुत तेजी से घूमते हैं और इससे बिजली उत्पन्न होती है।

2 – पानी के द्वारा

पानी द्वारा बिजली उत्पन्न करना भी आम स्रोतों में से एक है। पानी द्वारा बिजली उत्पन्न करने के लिए सबसे पहले बड़ी-बड़ी नदियों पर बड़े-बड़े बांध बनाए जाते हैं वह बहुत मात्रा में पानी को इकट्ठा किया जाता है। उस इकट्ठा हुए पानी को काफी दबाव के साथ मेरे दरवाजे पर गिराया जाता है। गिरते हुए पानी के द्वारा टरबाइन के बड़े बड़े पंखे घूमते हैं और टरबाइन के घूमने से बिजली उत्पन्न की जाती है। इस स्रोत का इस्तेमाल सिर्फ बड़े-बड़े नदियों के पास ही किया जाता है।

3 – डीजल द्वारा

इस स्रोत का इस्तेमाल ज्यादातर कंपनियों और शादी विवाह में किया जाता है। डीजल द्वारा बिजली उत्पन्न करने के लिए जनरेटर का इस्तेमाल किया जाता है। डीजल को जनरेटर में  डाल कर जनरेटर को स्टार्ट करने से बिजली उत्पन्न होती है।

4 – सौर उर्जा के द्वारा

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यह बिजली उत्पन्न करने का बहुत ही आम स्रोत है क्योंकि इसका इस्तेमाल ज्यादातर घरो और खेतों में लगे सिंचाई पंप को चलाने में किया जाता है। कहीं-कहीं पर  भारी संख्या में और बड़े-बड़े सोलर पैनल लगे हैं जिनकी मदद से किसी गांव या समूह को बिजली दी जाती है। सौर ऊर्जा द्वारा बिजली उत्पन्न करने के लिए सबसे पहले सौर प्लेटों को सूर्य के प्रकाश के सामने रखा जाता है और उस उर्जा को बैटरी में स्टोर कर लिया जाता है जिसकी मदद से हम घरेलू उपकरणों को चला सकते हैं।

5 – भूताप उर्जा के द्वारा

यह इलेक्ट्रिसिटी उत्पन्न करने की बहुत ही नई तकनीक है और इसका इस्तेमाल उन जगहों पर किया जाता है जहां पर ज्वालामुखी फूटते हैं। जीन स्थानों पर ज्वालामुखी फूटते हैं वहां पर बड़े-बड़े गड्ढे खोदे जाते हैं और ज्वालामुखी से निकलने वाली ऊर्जा को इलेक्ट्रिसिटी ऊर्जा में बदल दिया जाता है। इस तकनीक का इस्तेमाल इटली जापान और न्यूजीलैंड जैसे देशों में किया जाता है जहां अक्सर ज्वालामुखी फूटते रहते हैं। ज्वालामुखी से निकली ऊर्जा का तापमान लगभग 1000 से 1500 डिग्री सेंटीग्रेड होता है।

6 – पवन चक्की द्वारा

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पृथ्वी पर कुछ स्थान ऐसे हैं जहां हवाएं बहुत ज्यादा तेज चलती है उन स्थानों पर बड़े-बड़े पवन चक्की लगाए जाते हैं। तेज हवा के कारण पवन चक्की में लगे पंखे बहुत तेजी से घूमते हैं और उसके साथ टरबाइन भी घूमते हैं जिसके द्वारा बिजली उत्पन्न की जाती है और लोगों तक पहुंचाई जाती है।

7 – प्राकृतिक गैस द्वारा

यह भी कोयले से मिलता जुलता संसाधन है। कोयले की तरह प्राकृतिक गैस को भी जलाया जाता है और उससे भाप बनाया जाता है जिसे पाइप की मदद से बड़े-बड़े टरबाइन तक पहुंचाया जाता है और टरबाइन में लगे पंखों को घुमाया जाता है जिससे बिजली पैदा की जाती है। हालांकि प्राकृतिक गैस जमीन से निकाले जाते हैं जिसकी संख्या बहुत कम है इसीलिए यह स्रोत बहुत कम है।

निष्कर्ष

आज हमने आपको इलेक्ट्रिसिटी बनाने के तरह-तरह के तरीकों के बारे में बताया है हम आशा करते हैं कि आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया होगा अगर आपको इस आर्टिकल से संबंधित कोई प्रश्न पूछना हो या राय देना चाहते हैं तो आप हमें कमेंट बॉक्स में लिख सकते हैं हम जल्द ही आपके प्रश्नों का उत्तर देने की कोशिश करेंगे।

FAQ

Q.1- क्या हम पावर प्लांट से आने वाले इलेक्ट्रिसिटी इस्तेमाल कर सकते हैं या नही?

नहीं, क्योंकि पावर प्लांट से आने वाले इलेक्ट्रिसिटी में बहुत ज्यादा ऊर्जा होती है जिसका डायरेक्ट इस्तेमाल नहीं किया जाता है। इसका इस्तेमाल करने के लिए जगह-जगह ट्रांसफार्मर लगे होते हैं जो हाई वोल्टेज इलेक्ट्रिसिटी को घरों में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रिसिटी में बदल देता है।

Q. 2बिजली बनाने के लिए कोयला कहां से लाया जाता है?

भारत में कोयला के बहुत सारे भंडार हैं उनमें से सबसे बड़े भंडार कोलकाता और रांची में है जहां से सभी पावर प्लांट को कोयला प्रोवाइड किया जाता है।

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